भागलपुर (बिहार): जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां लोन दिलाने के नाम पर सैकड़ों महिलाओं को ठगी का शिकार बनाया गया। आरोप है कि टीपू नामक युवक और उसकी पत्नी पूजा ने मिलकर महिलाओं से आधार कार्ड और जरूरी दस्तावेज इकट्ठा किए और फर्जी तरीके से लोन पास करा कर रुपये हड़प लिए। पैसा मिलते ही दोनों फरार हो गए।
शादीशुदा बताने के लिए जबरदस्ती सिंदूर लगवाया
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि आरोपी दंपति खासतौर पर कुंवारी और विधवा महिलाओं को निशाना बनाते थे। वे कहते थे कि केवल शादीशुदा महिलाओं को ही लोन मिलेगा। इसके लिए महिलाओं को मांग में सिंदूर लगाकर फोटो खिंचवाने के लिए मजबूर किया जाता था। फिर उनके फॉर्म में खुद ही “विवाहिता” दर्ज कर बाकी जानकारी भर देते थे।
सिर्फ ₹2,000 दिए, बाकी रकम खुद ले गए
पीड़िता लक्ष्मी देवी ने बताया कि उसने ₹20,000 का लोन लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन आरोपियों ने उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर 4-5 बैंकों से लोन निकाला। उसे सिर्फ ₹2,000 ही दिए गए, बाकी पूरी रकम खुद रख ली।
ई-रिक्शा दिलाने के नाम पर धोखा
एक अन्य महिला लक्ष्मी कुमारी ने बताया कि उसने ई-रिक्शा खरीदने के लिए ₹40,000 की जरूरत बताई थी। टीपू ने उसका बैंक खाता खुलवाया, एटीएम और पासबुक ले लिया और मोबाइल फोन भी यह कहकर रख लिया कि पिन जनरेट करना है। बाद में पूरे पैसे निकाल लिए गए।
300 से अधिक लोग बन चुके हैं शिकार
जानकारी के मुताबिक, डाटबाट, सरदारपुर और हबीबपुर इलाके में इस दंपति ने करीब 300 लोगों को ठगा है। आरोपी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा कर लोन की रकम निकालते थे और पीड़ितों को 2-3 हजार रुपये देकर बाकी रकम रख लेते थे।
बैंक की कॉल से हुआ खुलासा
एक ग्रामीण नरेश ने बताया कि जब बैंक से लोन की किस्त भरने के लिए कॉल आया, तब जाकर उसे ठगी का पता चला। मामला बाइपास थाना क्षेत्र का है, लेकिन पीड़ित महिलाएं कोतवाली थाने में शिकायत लेकर पहुंची हैं।
थानेदार प्रभात कुमार ने बताया कि फिलहाल कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। अगर महिलाएं शिकायत दर्ज कराती हैं, तो उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घोटाले का शिकार बनी महिलाएं अब बाइपास थाना में मामला दर्ज कराने की तैयारी में हैं।